🌺 कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2026: तिथि, महत्व, पूजा विधि, व्रत कथा एवं लाभ

कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2026 पर भगवान श्री गणेश का चित्र

“यह दान पूर्णतः स्वेच्छा से किया जाता है और non-refundable है।”

कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी

 भगवान श्री गणेश को समर्पित अत्यंत शुभ और फलदायी व्रत है। वर्ष 2026 में यह व्रत 3 जुलाई, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह तिथि आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व माना गया है क्योंकि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख, समृद्धि तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और बुद्धि के देवता कहा जाता है। इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से परिवार में सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य, संतान सुख, धन-समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

🌼 कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का महत्व 🌼

पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक आराधना करने से भक्तों के जीवन के कष्ट, रोग, बाधाएँ और आर्थिक समस्याएँ दूर होती हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से व्रत रखकर भगवान गणेश का पूजन करता है, उसकी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है जो जीवन में सफलता, शिक्षा, व्यापार, नौकरी, विवाह या संतान संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे हैं। भगवान गणेश की कृपा से सभी विघ्न दूर होकर शुभ फल प्राप्त होते हैं।

🙏 पूजा विधि

प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थान को साफ करके भगवान श्री गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद उन्हें दूर्वा, लाल पुष्प, अक्षत, सिंदूर, मोदक, लड्डू तथा फल अर्पित करें। इसके बाद दीपक और धूप जलाकर गणेश जी के मंत्रों का जाप करें— ॥ ॐ गं गणपतये नमः ॥ यदि संभव हो तो गणेश अथर्वशीर्ष या संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें। रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें।

📖 व्रत के लाभ

सभी प्रकार के विघ्न और संकट दूर होते हैं।
परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
बुद्धि, विवेक और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
व्यापार और नौकरी में सफलता प्राप्त होती है।
संतान एवं परिवार की उन्नति होती है।
मानसिक तनाव कम होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

🌿 आध्यात्मिक संदेश

कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी केवल व्रत रखने का पर्व नहीं, बल्कि आत्मसंयम, श्रद्धा, सेवा और भक्ति का संदेश भी देता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की सहायता, अन्नदान, गौ सेवा और धार्मिक कार्यों में सहयोग करना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

❤️ सेवा और दान का महत्व

Gauri Gopal Trust गौ सेवा, अन्नदान, धार्मिक एवं मानव सेवा जैसे पुण्य कार्यों के लिए समर्पित है। इस पावन अवसर पर यदि आप अपनी श्रद्धानुसार सेवा कार्यों में सहयोग करते हैं, तो आपका छोटा सा योगदान भी अनेक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

🌼 धर्म सेवा में आपका सहयोग 🌼

भगवान श्री गणेश की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल का वास हो।
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|| श्री गणेशाय नमः ||
गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया! 🙏🌺

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