विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व और व्रत कथा | Gauri Gopal Trust 🙏🌺

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026 भगवान गणेश पूजा

“यह दान पूर्णतः स्वेच्छा से किया जाता है और non-refundable है।”

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026 का पावन पर्व 29 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। भगवान गणेश को विघ्नों का नाश करने वाला, बुद्धि, विवेक, सुख और समृद्धि प्रदान करने वाला देवता माना जाता है।

संकष्टी चतुर्थी के दिन श्रद्धालु भगवान गणेश का स्मरण करते हुए व्रत रखते हैं और पूरे श्रद्धा-भाव से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन गणपति जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है।

🙏 विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का महत्व

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और विघ्नराज कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी का स्मरण करने की परंपरा है। संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है।

इस दिन श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखते हैं, गणेश जी की पूजा करते हैं, मंत्र जाप करते हैं और परिवार की सुख-शांति तथा मंगल की कामना करते हैं।

यह पर्व हमें यह संदेश भी देता है कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना श्रद्धा, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ करना चाहिए।

🌺 संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करके भगवान श्री गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

इसके बाद भगवान गणेश को जल, अक्षत, रोली, चंदन, दूर्वा और लाल पुष्प अर्पित करें। गणेश जी को मोदक या अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद अर्पित करें।

पूजा के दौरान भगवान गणेश के मंत्र का जाप करें और संकष्टी चतुर्थी की कथा का श्रवण करें। शाम के समय गणेश जी की आरती करें और अपनी मनोकामना भगवान के चरणों में रखें।

पूजा के बाद श्रद्धा के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, अन्न, फल, वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री का दान करना भी सेवा का सुंदर माध्यम हो सकता है।

🕉️ भगवान गणेश की आराधना

भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा और लाल पुष्प का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु गणेश जी को मोदक, लड्डू और अन्य प्रसाद अर्पित कर सकते हैं।

आप अपनी श्रद्धा के अनुसार गणेश मंत्र का जाप कर सकते हैं:“

ॐ गं गणपतये नमः”

मंत्र जाप करते समय मन को शांत रखें और भगवान गणेश से परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं मंगल की प्रार्थना करें।

🐄 संकष्टी चतुर्थी पर दान और सेवा

धार्मिक पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि सेवा और करुणा का संदेश भी देते हैं। इस पावन अवसर पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौ सेवा, अन्न दान, जरूरतमंदों की सहायता और मानव सेवा में योगदान किया जा सकता है।

Gauri Gopal Trust के माध्यम से आप अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा कार्यों में सहयोग कर सकते हैं। आपका छोटा सा सहयोग भी किसी जरूरतमंद के लिए भोजन, किसी गौवंश के लिए चारा या किसी सेवा कार्य में उपयोगी बन सकता है।

🌿 सेवा ही सच्ची भक्ति है

इस संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ-साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशी लाने का प्रयास करें।

अपनी श्रद्धा के अनुसार QR Code स्कैन करके Gauri Gopal Trust के सेवा कार्यों में सहयोग करें।

दान पूर्णतः स्वैच्छिक है और सेवा कार्यों में सहयोग के उद्देश्य से किया जाता है।

🌸 विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी की शुभकामनाएं

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश सभी के जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करें और परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल का संचार करें।

🌺 गणपति बप्पा मोरया! 🙏
🌺 विघ्नहर्ता श्री गणेश महाराज की जय!
🌺 सेवा ही सच्ची भक्ति है।

Gauri Gopal Trust
सेवा • समर्पण • सहयोग
गौ सेवा | मानव सेवा | अन्न सेवा | जरूरतमंदों की सहायता

“Gauri Gopal Trust को दिया गया प्रत्येक दान स्वेच्छा से किया जाता है। यह राशि सेवा कार्यों में उपयोग होती है, अतः एक बार किया गया दान non-refundable होता है।”