पद्मिनी एकादशी 2026 कब है?
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। सभी एकादशियों में पद्मिनी एकादशी अत्यंत शुभ और दुर्लभ मानी जाती है, क्योंकि यह अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आती है। वर्ष 2026 में पद्मिनी एकादशी 27 मई, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना तथा व्रत करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
पारण का समय:
28 मई 2026
प्रातः 05:13 बजे से 07:56 बजे तक
पद्मिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
पद्मिनी एकादशी का वर्णन पुराणों में अत्यंत पुण्यदायी व्रत के रूप में किया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अधिक मास में आने वाली यह एकादशी साधारण एकादशियों की तुलना में कई गुना अधिक फल देने वाली मानी जाती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत का पालन करता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा उसके पापों का नाश होता है।
पद्मिनी एकादशी व्रत एवं पूजा विधि
पद्मिनी एकादशी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
पूजा की विधि:
पूजा स्थल को स्वच्छ करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
घी का दीपक जलाएं।
भगवान को पीले पुष्प, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
विष्णु सहस्रनाम एवं श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें।
दिनभर सात्विकता और संयम का पालन करें।
रात्रि में भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करें।
अगले दिन निर्धारित समय में पारण करें।
पद्मिनी एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार प्राचीन समय में एक धर्मपरायण राजा और उनकी रानी संतान सुख से वंचित थे। अनेक प्रयासों के बाद भी उन्हें संतान प्राप्त नहीं हुई। तब उन्होंने ऋषियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
ऋषियों ने उन्हें अधिक मास में आने वाली पद्मिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। राजा और रानी ने पूर्ण श्रद्धा और नियम के साथ यह व्रत किया तथा भगवान विष्णु की आराधना की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें योग्य संतान का वरदान दिया और उनके जीवन के सभी कष्ट दूर कर दिए।
तभी से पद्मिनी एकादशी को मनोकामना पूर्ण करने वाली तथा विशेष फलदायी एकादशी माना जाता है।
दान-पुण्य का महत्व
दान-पुण्य का महत्व
पद्मिनी एकादशी के दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन अन्न, वस्त्र, जल, फल तथा धन का दान करने से पुण्य में वृद्धि होती है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, गौ सेवा करना तथा भूखे व्यक्तियों को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
पद्मिनी एकादशी के लाभ
भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
जीवन के पापों का नाश होता है।
सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है।
परिवार में शांति और खुशहाली आती है।
मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
निष्कर्ष
पद्मिनी एकादशी 2026 भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का एक दुर्लभ और पवित्र अवसर है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत, पूजा, जप, दान और सेवा करने से व्यक्ति को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। यदि आप जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, तो पद्मिनी एकादशी का व्रत अवश्य करें।
॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥
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