16 मई 2026 – वट सावित्री व्रत | शनि जयंती | ज्येष्ठ अमावस्या

“यह दान पूर्णतः स्वेच्छा से किया जाता है और non-refundable है।”

वट सावित्री व्रत 2026 और शनि जयंती पूजा

🪐 शनि जयंती का महत्व

शनि जयंती भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है।
इस दिन शनि देव की पूजा करने से जीवन की परेशानियां, बाधाएं और शनि दोष कम होने की मान्यता है।

शनि पूजा कैसे करें

सरसों के तेल का दीपक जलाएं
काले तिल और उड़द दान करें
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें
जरूरतमंदों की सहायता करें

वट सावित्री व्रत 2026 और शनि जयंती पूजा

16 मई 2026 को क्या है?

16 मई 2026, शनिवार के दिन कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व एक साथ पड़ रहे हैं:
🌳 वट सावित्री व्रत
🪐 शनि जयंती
🌑 ज्येष्ठ अमावस्या
यह दिन स्नान, दान, पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

वट सावित्री व्रत का महत्व

वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।
इस दिन वट (बरगद) वृक्ष की पूजा की जाती है और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है।

व्रत विधि

✔️ सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें
✔️ वट वृक्ष की पूजा करें
✔️ धागा बांधकर परिक्रमा करें
✔️ सावित्री व्रत कथा सुनें
✔️ पति की लंबी आयु की कामना करें

ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त दान, तर्पण और पूजा का विशेष महत्व होता है।
इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है।

🐄 गौ सेवा और दान का महत्व

इस पावन दिन गौ सेवा करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
Gauri Gopal Trust के माध्यम से आप:
गौ माता के भोजन में सहयोग कर सकते हैं
बीमार गायों के उपचार में मदद कर सकते हैं
गौशाला सेवा में दान कर सकते हैं

🙏 दान संदेश

“इस शुभ अवसर पर गौ सेवा हेतु अपना सहयोग दें। आपका छोटा सा दान भी गौ माता की सेवा और संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान बन सकता है।”

“दान करने के लिए QR कोड स्कैन करें या नीचे दिए गए ‘Donate Now’ बटन पर क्लिक करें।”

✨ शुभकामना संदेश

“वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान शनि देव और माता सावित्री की कृपा आप सभी पर बनी रहे। 🙏”

“Gauri Gopal Trust को दिया गया प्रत्येक दान स्वेच्छा से किया जाता है। यह राशि सेवा कार्यों में उपयोग होती है, अतः एक बार किया गया दान non-refundable होता है।”