📅 तिथि: 29 मार्च 2026, रविवार
⏰ पारण (व्रत खोलने का समय):
➡️ 30 मार्च सुबह 06:03 से 07:09 बजे तक
✨ कामदा एकादशी का महत्व कामदा एकादशी, चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी है। यह व्रत विशेष रूप से सभी पापों से मुक्ति और इच्छाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है।
👉 मान्यता है कि:
इस व्रत से भूत-प्रेत, पाप और दोष दूर होते हैं भगवान विष्णु की कृपा से सुख-समृद्धि और शांति मिलती है जीवन की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
📖 पद्म पुराण के अनुसार,
, यह व्रत राक्षस योनि से भी मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। 🪔 व्रत विधि (कैसे करें) ✔️ सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें ✔️ स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें ✔️ भगवान विष्णु की पूजा करें ✔️ दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें ✔️ फलाहार या निर्जल व्रत रखें ✔️ रात्रि में जागरण और भजन करें 🍎 क्या खाएं और क्या न खाएं ✔️ खा सकते हैं: फल, दूध, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़ा आटा
❌ नहीं खाएं:
चावल, गेहूं, दाल, लहसुन-प्याज
🌅 पारण विधि (व्रत खोलना)
30 मार्च 2026 ⏰ सुबह 06:03 – 07:09 बजे 👉 इस समय के भीतर ही व्रत खोलें 👉 पहले भगवान को भोग लगाएं, फिर प्रसाद ग्रहण करें
🙏 विशेष संदेश (डोनेशन/सेवा हेतु)
🌿 इस पावन दिन पर गौ सेवा, अन्न दान और जरूरतमंदों की सहायता का विशेष महत्व है। 🐄 गौ सेवा से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं 👉 आप भी इस शुभ अवसर पर गौरी गोपाल ट्रस्ट के साथ जुड़कर पुण्य के भागी बनें। 📢 पोस्ट के लिए छोटा कैप्शन ✨ कामदा एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों 🙏 🐄 आइए, गौ सेवा और दान से जीवन को सफल बनाएं
“🙏 Gauri Gopal Trust के माध्यम से गौ सेवा में अपना सहयोग दें
📲 नीचे दिए गए QR को स्कैन करें और पुण्य के भागी बनें 🐄”
👉 “आपका छोटा सा दान, किसी गौ माता का जीवन बचा सकता है”